चिट्टे के इंजेक्शन के बाद युवक की मौत, दोस्त पर गैर-इरादतन हत्या का केस..
सबसे तेज खबर/ शिमला
नशे की एक कथित खुराक ने एक युवक की जान ले ली। आरोप है कि चिट्टे का इंजेक्शन लेने के कुछ ही समय बाद युवक की तबीयत अचानक बिगड़ गई और उसकी मौत हो गई। अब पुलिस ने मृतक के दोस्त के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। यह मामला शिमला जिले के ठियोग क्षेत्र का है, जहां सामने आई इस घटना ने एक बार फिर प्रदेश में चिट्टे के बढ़ते खतरे को लेकर चिंता बढ़ा दी है।मामले के अनुसार 21 वर्षीय हरदीप सिंह एक होटल में वेटर के तौर पर काम करता है और अपने साथियों के साथ होटल की ओर से उपलब्ध कराए गए कमरे में रहता है। हरदीप ने पुलिस को बताया कि 19 जून की रात उसके साथी करण के कमरे में उसका दोस्त बलवंत उर्फ रवि रावत आया था। आरोप है कि देर रात दोनों ने एक सफेद गांठ जैसी सामग्री को पानी के साथ गर्म किया और फिर उसे सिरिंज में भरकर इंजेक्शन तैयार किया। शिकायतकर्ता के मुताबिक पहले करण को इंजेक्शन लगाया गया और उसके बाद बलवंत ने भी खुद को इंजेक्शन लगाया। कुछ समय बाद दोनों ने दोबारा इंजेक्शन का इस्तेमाल किया।शिकायत में कहा गया है कि इंजेक्शन लेने के बाद करण की तबीयत बिगड़ने लगी। आरोप है कि जिस पदार्थ का सेवन किया गया, उसकी प्रतिक्रिया के कारण करण की मौत हो गई। शिकायतकर्ता ने अपने बयान में इस पदार्थ को चिट्टा बताया है। हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि मौत का वास्तविक कारण क्या था। इसकी पुष्टि पोस्टमार्टम और अन्य फोरेंसिक जांच रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी। पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान सभी पहलुओं को ध्यान में रखा जा रहा है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर बलवंत उर्फ रवि रावत के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 105 और 351(2) के तहत मामला दर्ज किया है। प्रदेश में चिट्टे के खिलाफ चल रहे अभियान के बीच सामने आया यह मामला बताता है कि नशा किस तरह युवाओं की जिंदगी पर भारी पड़ रहा है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि युवक की मौत किन परिस्थितियों में हुई और इसमें किसकी क्या भूमिका रही।
إرسال تعليق