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हिमाचल प्रदेश के जिला सिरमौर की बेटियां आज अपनी प्रतिभा और कड़ी मेहनत के बल पर राष्ट्रीय पटल पर अपनी पहचान बना रही हैं। इसी कड़ी में उपमंडल पच्छाद की ग्राम पंचायत लाना मियूँ की होनहार बेटी महक शर्मा ने अखिल भारतीय स्तर पर एक बड़ी उपलब्धि हासिल कर सिरमौर जिले और पूरे हिमाचल प्रदेश का नाम गर्व से ऊंचा किया है। महक शर्मा ने केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, वेद व्यास परिसर (बलाहर, कांगड़ा) से आचार्य (फलित ज्योतिष) की परीक्षा में 9.33 CGPA (10 में से) प्राप्त कर देश भर में द्वितीय स्थान (2nd Rank) हासिल किया है।
महक की शुरुआती पढ़ाई पूरी तरह से सरकारी और स्थानीय शिक्षण संस्थानों से हुई है। उन्होंने अपनी दसवीं की परीक्षा गवर्नमेंट हाई स्कूल बसाहं से पास की और इसके बाद जमा दो (12वीं) की पढ़ाई राजगढ़ से पूरी की। संस्कृत के प्रति अपने रुझान को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय नाहन से शास्त्री की डिग्री हासिल की। इसके पश्चात उन्होंने केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, वेद व्यास परिसर (बलाहर, कांगड़ा) से B.Ed. की शिक्षा ग्रहण की और इसी प्रतिष्ठित संस्थान से आचार्य (फलित ज्योतिष) की पढ़ाई पूरी करते हुए यह ऐतिहासिक सफलता अर्जित की।
केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित इस परीक्षा में देश भर के 14 केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालयों और 5 अन्य संबद्ध संस्कृत महाविद्यालयों (कुल 19 परिसरों) के विद्यार्थियों ने भाग लिया था। फलित ज्योतिष जैसे गहन और गूढ़ शास्त्र में महक शर्मा ने बिना किसी कोचिंग का सहारा लिए, केवल अपनी लगन और स्वाध्याय (Self-Study) के बल पर इन सभी परिसरों के परीक्षार्थियों को पीछे छोड़ते हुए ऑल इंडिया में दूसरा स्थान पाया है। महक अपनी इस शानदार सफलता का श्रेय अपने माता-पिता के आशीर्वाद और अपने गुरुजनों के मार्गदर्शन को देती हैं।
महक शर्मा की यह सफलता इसलिए भी बेहद खास है क्योंकि वे एक साधारण और संघर्षशील परिवार से ताल्लुक रखती हैं। उनके पिता श्री ओम प्रकाश शर्मा जिला न्यायवादी (DA) कार्यालय नाहन में चतुर्थ श्रेणी (Class-4) कर्मचारी के रूप में कार्यरत हैं, जबकि उनकी माता श्रीमती लीला शर्मा क्षेत्र में आशा कार्यकर्ता (ASHA Worker) के रूप में अपनी सेवाएं दे रही हैं। तहसील पच्छाद के गाँव लाना मियूँ (डाकघर छपांग) की रहने वाली महक ने सीमित संसाधनों के बावजूद कभी अपनी पढ़ाई को प्रभावित नहीं होने दिया। पिता की निष्ठा और माता के सामाजिक सेवा भाव ने उन्हें हमेशा निरंतर आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।
महक शर्मा की इस शानदार सफलता की सूचना मिलते ही पच्छाद क्षेत्र, नाहन और पूरे सिरमौर जिले में खुशी की लहर दौड़ गई है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों, ग्रामीणों और गणमान्य व्यक्तियों ने महक शर्मा और उनके माता-पिता को बधाई दी है। लोगों का कहना है कि महक ने यह साबित कर दिखाया है कि अगर लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत सच्ची हो, तो ग्रामीण पृष्ठभूमि और सीमित साधनों के बावजूद भी देश के शीर्ष पायदान तक पहुँचा जा सकता है।
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