हाथियों के झुंड ने रौंदी किसानों की धान और हरे चारे की फसलें,बहराल-सातीवाला में खेतों को भारी नुकसान, भारतीय किसान यूनियन ने सरकार से उचित मुआवजे की उठाई मांग...
सबसे तेज खबर/ पांवटा साहिब
बहराल और सातीवाला क्षेत्र में हाथियों के झुंड ने किसानों की धान और हरे चारे की फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया है। हाथियों ने कई खेतों में लगी फसलों को रौंदकर किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया। प्रभावित किसानों में मदन लाल, धियान, लालचंद, सुरेश पवार, नरेश पवार, रविकांत तथा ओम दत्त पुत्र स्वर्गीय गोपाल सहित अन्य किसान शामिल हैं।
फसल नुकसान की सूचना मिलने के बाद भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के अध्यक्ष जसविंदर सिंह बिलिंग, वन विभाग के गार्ड प्रदीप कुमार, बीओ रामकरण, ग्राम पंचायत उपप्रधान जगदीश चंद और बीडीसी सदस्य कश्मीर सिंह मौके पर पहुंचे। टीम ने प्रभावित किसानों के खेतों का निरीक्षण कर हाथियों द्वारा किए गए फसल नुकसान का जायजा लिया।
भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) ने सरकार से प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा देने की मांग की है। यूनियन का कहना है कि पड़ोसी राज्यों उत्तराखंड और हरियाणा में जंगली जानवरों से फसल नुकसान की स्थिति में किसानों को कथित तौर पर प्रति एकड़ 15 हजार से 25 हजार रुपये तक मुआवजा दिया जाता है। ऐसे में हिमाचल में भी प्रभावित किसानों को उचित राहत मिलनी चाहिए। जसविंदर सिंह बिलिंग ने कहा कि हाथियों के कारण किसानों की फसलों को हुए नुकसान से प्रभावित किसान परेशान हैं। उन्होंने सरकार से मांग की कि नुकसान का शीघ्र आकलन करवाकर मुआवजे की प्रक्रिया शुरू की जाए, ताकि किसानों को समय पर राहत मिल सके। भारतीय किसान यूनियन ने चेताया कि प्रभावित किसानों की समस्या का जल्द समाधान किया जाना चाहिए।
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